उदयपुर। जिले के डबोक थाना क्षेत्र से रविवार को दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। मंदेरिया गांव स्थित उदयपुर सीमेंट फैक्ट्री की परित्यक्त माइंस में पानी भरे गड्ढे में डूबने से चार मासूम बच्चों की मौत हो गई। मृतकों में तीन लड़के और एक बालिका शामिल हैं। इस हादसे से पूरे क्षेत्र में मातम छा गया है और ग्रामीणों में गुस्सा व्याप्त है।

बकरियां चराने गए थे बच्चे: जानकारी के अनुसार, मंदेरिया गांव के चार बच्चे रविवार को बकरियां चराने निकले थे। इसी दौरान खेल-खेल में वे पास स्थित सीमेंट फैक्ट्री की माइंस में पहुंच गए। पानी भरा होने के कारण बच्चे गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाए और डूब गए।
ग्रामीणों ने निकाले शव, लापरवाही पर हंगामा
घटना के बाद मौके पर शोर मचने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंचे और मशक्कत कर चारों बच्चों के शवों को बाहर निकाला। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हादसे की सूचना देने के बाद भी करीब एक घंटे तक माइंस का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने वहां हंगामा किया और प्रशासन से जवाबदेही की मांग की।
मृतक बच्चों की पहचान : लक्ष्मी गमेती (14 वर्ष),भावेश (14 वर्ष),राहुल (12 वर्ष) शंकर (13 वर्ष)
गांव में शोक की लहर: एक साथ चार मासूमों की मौत से मंदेरिया गांव और आसपास के इलाके में मातम पसरा हुआ है। परिजन बेसुध होकर रो रहे हैं और पूरे गांव का माहौल गमगीन है। यह हादसा परित्यक्त माइंस की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
ग्रामीणों की मांग: ग्रामीणों का कहना है कि माइंस में पानी भरने के बावजूद वहां कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। न तो सुरक्षा घेरा है और न ही चेतावनी बोर्ड लगे हैं। हादसे के बाद परिजन और ग्रामीणों ने मांग उठाई है कि मृतक परिवारों को कम से कम 10 लाख रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी दी जाए।

