उदयपुर। कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व इस बार उदयपुर सेंट्रल जेल की चारदीवारी के भीतर भी भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम लेकर आया। यहां कैदियों ने न केवल झांकियां और नृत्य प्रस्तुत किए, बल्कि कृष्ण-सुदामा के मिलन का जीवंत नाट्य भी किया, जिसने भावविभोर कर दिया। कैदियों द्वारा सजाई गई विशेष झांकी में वह दृश्य दिखाया गया जब वसुदेव, यमुना पार कर नन्हे कृष्ण को नंदबाबा के घर पहुंचाते हैं। झांकी देखते ही ऐसा लगा जैसे जेल की ऊंची दीवारें भी भक्ति में रंग गई हों। वहीं, कृष्ण-सुदामा का मिलन मंच पर जीवंत हुआ तो कई दर्शकों की आंखें नम हो गईं। भजन-कीर्तन और नृत्य प्रस्तुतियों में बंदियों ने जो उत्साह दिखाया, उसने साबित कर दिया कि जेल की सलाखों में कैद शरीर भले हों, लेकिन भक्ति में लीन मन पूरी तरह आज़ाद है। इस मौके पर संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने कैदियों की मेहनत और भावनाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन न केवल जेल परिसर को भक्तिमय बना रहा है, बल्कि बंदियों को आत्मिक शांति और सकारात्मक सोच भी दे रहा है। जेल अधीक्षक राजपाल सिंह ने बताया कि बंदियों ने इस कार्यक्रम की तैयारी की थी। उनका मानना है कि ऐसे आयोजन कैदियों को अपराध की राह से दूर कर आत्म-सुधार की प्रेरणा देते हैं।

