उदयपुर। पिछले दिनों हुई तेज बारिश ने शहर और ग्रामीण इलाकों में तबाही मचाई थी। इसी दौरान 6 सितंबर को आयड़ नदी की तेज धार में बहे युवक रवि वाल्मीकि का शव आखिरकार 23 दिन बाद सोमवार को बरामद हुआ। सिविल डिफेंस उदयपुर की लगातार कोशिशों और वाल्मीकि समाज सहित स्थानीय लोगों के अथक प्रयासों से यह खोज पूरी हो सकी। शव कानपुर खेड़ा पुलिया के पास से मिला।
23 दिन तक जारी रहा संघर्ष: 6 सितंबर को तेज बारिश के दौरान आयड़ नदी उफान पर थी। इसी दौरान रवि नदी की धारा में बह गया। घटना के बाद लगातार 10 दिन तक SDRF, सिविल डिफेंस, वाल्मीकि समाज और स्थानीय लोगों ने सर्च ऑपरेशन चलाया। मगर नदी में मौजूद मगरमच्छ और तेज धारा की वजह से टीम को बार-बार बाधाओं का सामना करना पड़ा। कई बार ऑपरेशन अधूरा छोड़ना पड़ा और परिजनों ने भी उम्मीद छोड़ दी।
पिता ने नहीं मानी हार: रवि के पिता ने अपने बेटे की खोज के लिए हर दरवाज़ा खटखटाया। हार मानने की बजाय उन्होंने सिविल डिफेंस के उप नियंत्रक दीपेंद्र सिंह राठौड़ को ज्ञापन सौंपा और सर्च ऑपरेशन फिर से शुरू करने की मांग की।
तीन दिन चला ऑपरेशन, मिली सफलता: राठौड़ ने पिता की गुहार पर विशेष टीम गठित की। पिछले तीन दिनों से लगातार सिविल डिफेंस और स्थानीय लोगों के सहयोग से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। सोमवार को टीम की मेहनत रंग लाई और रवि का शव घटना स्थल से करीब 8 किलोमीटर दूर कानपुर खेड़ा पुलिया के पास मिला।
समाज और स्थानीय लोगों का योगदान:इस पूरे अभियान में वाल्मीकि समाज, कानपुर-खेड़ा के ग्रामीणों और छोटू भाई का अहम योगदान रहा। सभी ने मिलकर अथक मेहनत की और 23 दिन बाद लापता रवि का शव बरामद किया।
परिवार में मातम: शव मिलने की खबर के बाद रवि के घर में कोहराम मच गया। बेटे को खोने का गम बड़ा है, लेकिन 23 दिन बाद उसका शव मिलने से परिवार ने राहत की सांस भी ली कि अब कम से कम अंतिम संस्कार तो कर पाएंगे।



