जयपुर। यूजीसी नियमों के विरोध में निकाली गई सवर्ण न्याय यात्रा के दौरान देवराज सिंह पलाड़ा की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। बुधवार को श्री राजपूत करणी सेना और भाजपा नेतृत्व के बीच हुई अहम बैठक में मृतक के परिवार की तीन प्रमुख मांगों में से दो पर सहमति बन गई। सरकार ने परिवार को आर्थिक सहायता देने और एक सदस्य को संविदा पर सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।हालांकि, घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। सरकार ने इस मुद्दे पर दो से तीन दिन का समय मांगा है। ऐसे में करणी सेना ने अपना अल्टीमेटम फिलहाल जारी रखने का ऐलान किया है।
महिपाल सिंह मकराना ने दी जानकारी
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि सवर्ण न्याय यात्रा के दौरान वाटर कैनन के इस्तेमाल के बीच उनके साथी देवराज सिंह पलाड़ा की मौत हुई थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने परिवार को आर्थिक सहायता और एक सदस्य को संविदा पर सरकारी नौकरी देने की मांग स्वीकार कर ली है। मकराना ने इसे सरकार का सकारात्मक कदम बताते हुए दिवंगत देवराज सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।
अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए मांगा समय: बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मकराना ने कहा कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने परिवार की सभी जायज मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने का भरोसा दिया है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों की भूमिका की जांच पूरी होने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिसके लिए सरकार ने दो से तीन दिन का समय मांगा है।
करणी सेना का अल्टीमेटम जारी: करणी सेना ने स्पष्ट किया है कि दो मांगों पर सहमति बनने के बावजूद आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। मकराना ने कहा कि संगठन का अल्टीमेटम पहले की तरह जारी रहेगा और तीसरी मांग पूरी होने तक आगे की रणनीति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि करणी सेना का उद्देश्य किसी से टकराव नहीं, बल्कि न्याय और संवेदनशीलता के आधार पर मांगों का समाधान कराना है।
भाजपा बोली—संवाद से निकलेगा समाधान: भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि सरकार मृतक परिवार के साथ संवेदनशीलता से खड़ी है और जो भी उचित एवं नियमानुसार संभव होगा, वह किया जाएगा। अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी। निकाय और पंचायत चुनाव में भाजपा के विरोध के सवाल पर राठौड़ ने कहा कि करणी सेना और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच लंबे समय से जुड़ाव रहा है तथा संवाद और आपसी विश्वास के माध्यम से सभी मुद्दों का समाधान निकाला जा सकता है।
