राजस्थान । धौलपुर में बुधवार को फर्जी एडीजी बनकर घूम रहे युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया। उसकी कार पर नीली बत्ती और तीन स्टार लगे हुए थे। गाड़ी पर गवर्नमेंट ऑफ इंडिया भी लिखा था। वह वर्दी में गाड़ी चला रहा था। यह देखकर नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने गाड़ी रुकवाई तो आरोपी ने रौब जमाना शुरू कर दिया। झूठ सामने आने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी से पांच नकली आइडेंटिटी कार्ड, चार डमी हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं। आरोपी पश्चिम बंगाल के हुबली में चंदन नगर का रहने वाला है। वह पंजाब जा रहा था। गिरफ्तारी के समय उसकी पत्नी भी गाड़ी में मौजूद थी।

गाड़ी पर लिखा था गवर्नमेंट ऑफ इंडिया: सीओ सिटी मुनेश कुमार मीणा ने बताया- नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध गाड़ी निहालगंज को क्रॉस करके निकली। गाड़ी पर तीन स्टार लगे थे और एक वर्दीधारी व्यक्ति उसे चला रहा था। संदेह होने पर पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित किया गया। इस पर सदर थाने के चेकिंग पॉइंट पर गाड़ी को रोका गया।
पुलिस ने गाड़ी रुकवाई तो आरोपी ने रौब जमाना शुरू कर दिया। पूछताछ में उसने खुद को नेशनल सिक्योरिटी कॉप का एडीजी बताया और चार अलग-अलग आई कार्ड दिखाए। इससे पुलिस को और अधिक संदेह हुआ। जांच में आरोपी का पूरा झूठ सामने आ गया। आरोपी सुप्रीयो मुखर्जी (45) ने अपनी अर्टिगा मारुति सुजुकी कार पर गवर्नमेंट ऑफ इंडिया लिखवाकर तीन स्टार लगा रखे थे।
डमी हथियार भी बरामद: आरोपी से कार, एक एयर साउंड पिस्टल, एक एयर साउंड रिवॉल्वर, एयर साउंड गन और दो एयर साउंड राइफल बरामद की गई हैं। आरोपी के पास से एयर गन के 138 पैलेट कारतूस, दो मोबाइल, दो लैपटॉप, एक टैबलेट को भी जब्त किया गया है।
अलग-अलग वर्दी में फोटो और चार आई कार्ड मिले: आरोपी के मोबाइल में अलग-अलग तरह की यूनिफॉर्म में फोटो के साथ चार आई कार्ड मिले हैं। ये आई कार्ड इंटरनेशनल पुलिस ऑर्गेनाइजेशन, यूरो पुलिस फेडरेशन यूरोपीय ऑग्जीलियरी पुलिस संगठन और सेंटर ऑफ नेशनल सिक्योरिटी के हैं। टोल टैक्स बचाने और रौब जमाने के लिए बना था अधिकारी पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह टोल टैक्स बचाने और पुलिस पर रौब जमाने के लिए वर्दी व आई कार्ड का इस्तेमाल करता है। ताकि उसे रास्ते में किसी भी तरह की परेशानी न आए। वह अपने घर से पंजाब की ओर निकला था। रात को उसने ग्वालियर के एक होटल में रेस्ट किया था। जहां से सुबह ही वह पत्नी के साथ पंजाब के लिए रवाना हुआ था।
सीओ सिटी मुनेश कुमार मीणा ने बताया- आरोपी के खिलाफ फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को ठगने के तीन मामले पश्चिम बंगाल और मुंबई में दर्ज हैं। चौथा मामला धौलपुर में सदर थाने में दर्ज हुआ है।
पहला मामला 2015 में मुंबई के ठाणे सिटी में दर्ज हुआ था। आरोपी ने फर्जी अधिकारी बनकर लोगों के साथ ठगी की थी। मुंबई के ठाणे सिटी इलाके में ही 16 अक्टूबर 2017 को आरोपी को फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को ठगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
आरोपी पर तीसरा मामला पश्चिम बंगाल के चंदन नगर थाने में 7 फरवरी 2025 को दर्ज हुआ था। इस मामले में जमानत पर छूटने के बाद वह पत्नी को लेकर पंजाब की ओर जा रहा था। धौलपुर में उसे फर्जी अधिकारी बनकर धोखाधड़ी करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
