अब जल्द ही सुन और बोल सकेगी हर्षिता

पीएमसीएच चेयरमेन राहुल अग्रवाल ने कराया निःशुल्क कॉकलियर इम्प्लांट

उदयपुर। कभी न बोल पाने और न सुन पाने की मजबूरी में जी रही 4 वर्षीय हर्षिता अब जल्द ही अपनी माँ को ‘माँ‘ कहकर पुकार सकेगी। हर्षिता जन्म से ही सुनने और बोलने में अक्षम थी। उसकी मां भी जन्मजात गूंगी और बहरी हैं। लेकिन अब एक नेक पहल ने उनकी ज़िंदगी की दिशा ही बदल दी है। और इस बदलाव के पीछे हैं पीएमसीएच के चेयरमेन राहुल अग्रवाल है जिन्होंने मानवता को अपनी प्राथमिकता बनाया है।
दरअसल पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के चेयरमेन राहुल अग्रवाल ने इस मासूम बच्ची का निःशुल्क कॉकलियर इम्प्लांट सर्जरी करवाकर एक असंभव से लगने वाले सपने को साकार कर दिखाया है। इस सर्जरी को अंजाम दिया पेसिफिक हॉस्पिटल के ईएनटी विभाग की विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ.ऋचा गुप्ता,कॉकलियर इम्प्लांट सर्जन डॉ.एस.एस.कौशिक एवं कॉकलियर इम्प्लांट मेन्टर सर्जन डॉ.एस.पी.दुबे जो कि इस ऑपरेशन को करने के लिए विशेषरूप से भोपाल से आए एवं टीम ने।
ईएनटी विभाग के डॉ.एस.एस.कौशिक ने बताया कि हर्षिता का कॉकलियर इम्प्लांट हाल ही में सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ है। अब 21 दिन बाद जब इस इम्प्लांट को स्विच ऑन किया जाएगा, तो वह पहली बार इस दुनिया की आवाज़ों को सुन सकेगी। डॉ.कौशिक ने स्पष्ट किया कि नियमित स्पीच थैरेपी और ट्रेनिंग के जरिए वह कुछ महीनों में बोलने भी लग जाएगी।
इस ऑपरेशन से हर्षिता ही नहीं, उसकी मां की आंखों में भी उम्मीदों की नई चमक आई है। एक मां, जो खुद कभी सुन और बोल नहीं सकी, अब अपनी बेटी को एक सामान्य जीवन जीते देख पाएगी। यह किसी चमत्कार से कम नहीं है।
राहुल अग्रवाल ने बताया कि जब हमें पता चला कि बच्ची और उसकी मां दोनों ही बोल और सुन नहीं सकते, तो हमने तुरंत निर्णय लिया कि इस बच्ची की मदद की जाएगी। हमारी जिम्मेदारी है कि समाज के उन वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचें जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं।
पेसिफिक हॉस्पिटल की ईएनटी विभाग की डॉ.ऋचा गुप्ता ने बताया कि कॉकलियर इम्प्लांट एक जटिल प्रक्रिया होती है जिसमें विशेष तकनीक और दक्षता की जरूरत होती है। इस सर्जरी के ज़रिए कान में एक विशेष उपकरण प्रत्यारोपित किया जाता है जो ध्वनि संकेतों को विद्युत संकेतों में बदलकर मस्तिष्क तक पहुंचाता है।
डॉ.ऋचा ने बताया कि इस प्रकार की सर्जरी समय रहते कर दी जाए, तो बच्चा सामान्य बच्चों की तरह सुनने और बोलने की क्षमता विकसित कर सकता है।