उदयपुर में आदिवासी युवती  के साथ गैंगरेप करने वाला मुख्य आरोपी विक्रम गिरफ्तार,3 नाबालिग डिटेन !

उदयपुर। उदयपुर जिले के फलासिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आदिवासी युवती के साथ दरिंदगी के मामले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज चौबीस घंटे में सभी आरोपियों को दबोच लिया। मुख्य आरोपी लुनियारा निवासी विक्रम सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसके तीन नाबालिग साथियों को भी निरुद्ध कर किशोर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया

इस गंभीर मामले में उदयपुर एसपी योगेश गोयल ने बताया कि जैसे ही घटना की रिपोर्ट दर्ज हुई, पुलिस ने तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। फलासिया थानाधिकारी सीताराम, कोल्यारी चौकी प्रभारी कांतिलाल सालवी, एएसआई सुखलाल और हेड कांस्टेबल मोटा राम की सक्रिय भूमिका से पुलिस टीम ने आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की।


कैसे हुई घटना: गुरुवार रात को पीड़िता के मोबाइल पर एक युवक, विक्रम सिंह, फोन करता है और उसे बहला-फुसलाकर घर के बाहर बुलाता है। विश्वास में लेकर आरोपी युवती को जबरन श्मशान घाट के पास बने मैदान की ओर ले जाता है। वहां पहले से अंधेरे में छिपे विक्रम के तीन नाबालिग साथी भी मौजूद थे। मौका पाते ही चारों ने मिलकर बारी-बारी से युवती के साथ जबरदस्ती की। घटना के बाद युवती किसी तरह वहां से बचकर भाग निकली और अपने परिचित के घर पहुंची। कांपती हुई आवाज में उसने पूरी आपबीती सुनाई। बाद में परिजनों को भी सूचना दी गई और युवती को घर लाया गया। परिवार ने हिम्मत जुटाकर पुलिस को मामले की जानकारी दी।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई: पीड़िता की शिकायत मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी। गांव और आसपास के इलाकों में दबिश दी गई और संदिग्धों की तलाश की गई। आखिरकार पुलिस ने मुख्य आरोपी विक्रम सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उसके तीनों नाबालिग साथियों को भी पकड़ लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गंभीर अपराध है और मामले की तफ्तीश संवेदनशीलता के साथ की जा रही है। मुख्य आरोपी को सोमवार को अदालत में पेश किया गया, वहीं नाबालिगों को किशोर न्यायालय भेजा गया।



आदिवासी अंचल में बढ़ती चुनौतियाँ: यह घटना आदिवासी अंचल में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े करती है। ग्रामीण इलाकों में अक्सर लड़कियों को बहलाकर बुलाने और अकेला पाकर उनके साथ दुर्व्यवहार करने जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि समाज में जागरूकता और शिक्षा की कमी भी इन अपराधों का बड़ा कारण है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खासकर युवतियों को जागरूक करने के लिए समय-समय पर अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि वे इस तरह के फरेब और प्रलोभनों से बच सकें।