
उदयपुर। उदयपुर जिले के धार्मिक भावनाओं को भड़काने का मामला सामने आया है जहां कुछ अज्ञात लोगों द्वारा रात्रि के समय दुकानों और घरों के बाहर मूर्ति पूजा के विरोध के पर्चे डाले गए उसके बाद दुकानदारों के साथ विभिन्न हिंदू संगठनों ने इसका विरोध जताया। नवरात्रि के बीच उदयपुर के डबोक थाना क्षेत्र में अज्ञात लोगों ने रात के अंधेरे में घरों और दुकानों के बाहर विवादित पर्चे डालकर धार्मिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है। इन पर्चों में मूर्ति पूजा पर विवादित टिप्पणी की है। हिंदू देवी-देवताओं की आस्था पर सवाल उठाए गए हैं। पर्चे पर ख्रीश्चान कालचारल सेंटार जलपाईगुड़ी,” का नाम और क्रॉस का चिन्ह छपा हुआ मिला है। दुकानदारों और क्षेत्रवासियों ने जैसे ही इन पर्चों को देखा, इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते हिंदू संगठन और सर्व समाज के प्रतिनिधि डबोक थाने पहुँच गए और थानाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर ऐसी हरकत करने वालों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान RSS और विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर चोट करने वाली यह हरकत किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पर्चों को जब्त किया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। थानाधिकारी हुकुम सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। एक तरफ धर्मांतरण विरोधी बिल राजस्थान की विधानसभा में पारित हुआ है उसके बाद यह मामला सामने आया है।ज्ञापन सौंपने पहुंचे कार्यकर्ताओं में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ डबोक मंडल के डालचंद शर्मा, शांतिलाल सोनी, भरत सोनी, ललित पालीवाल, यशराज सिंह देवड़ा, नरेंद्र सिंह देवड़ा, मनोहर नंदवाना, विजेंद्र सिंह झाला, ललित प्रजापत, शेखर प्रजापत, सुरेश प्रजापत, महेंद्र खोखावत, किशन क्षोत्रिय, आयुष सोनी, मनीष कोठारी, चेतन माली, कनीराम बंजारा, जितेंद्र गर्ग, बंटी तेली और गोपाल प्रजापत सहित कई स्वयंसेवक मौजूद थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि इस तरह की हरकतों से सामाजिक सदभावना बिगड़ता है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
