उदयपुर। उदयपुर शहर में संचालित हो रही टू-व्हीलर टैक्सी सेवाओं — जैसे रेपिडो और ओला-उबर — के खिलाफ उदयपुर की प्रमुख ऑटो यूनियनों ने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर यूनियन प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए अवैध बाइक टैक्सी सेवाओं पर तुरंत रोक लगाने की मांग की।
यूनियन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि उदयपुर की हर गली-मोहल्ले, चौराहे, रेस्टोरेंट्स, दुकानों और पान ठेलों के बाहर निजी बाइकों को पीली नंबर प्लेट लगाकर किराये पर चलाया जा रहा है। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे ऑटो चालकों की आजीविका पर भी संकट गहरा गया है। उन्होंने कहा कि टू-व्हीलर टैक्सी सेवाएं मोटर वाहन अधिनियम के तहत अवैध हैं क्योंकि निजी वाहनों का व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जा सकता।

यूनियन ने ज्ञापन में बताया कि अधिकांश ऑटो चालक बैंक से लोन लेकर ऑटो खरीदते हैं। लेकिन ऐप आधारित सस्ती टू-व्हीलर सेवाओं के कारण उनकी कमाई लगातार गिर रही है। समय पर किश्त नहीं चुकाने की वजह से कई चालकों की गाड़ियां फाइनेंस कंपनियों द्वारा जब्त की जा चुकी हैं और वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ऑटो यूनियन ने अपनी मांगे रखते हुए कहा कि जिन बाइकों पर पीली नंबर प्लेट लगाकर उन्हें किराये पर चलाया जा रहा है, उनके खिलाफ लाइसेंस निरस्त कर सख्त कार्रवाई की जाए। रेपिडो और ओला-उबर जैसी टू-व्हीलर सेवाओं को प्रतिबंधित किया जाए और उनकी गतिविधियों की नियमित निगरानी की जाए।ओल्ड सिटी क्षेत्र में लगाए गए ‘वन-वे’ प्रतिबंधों को हटाया जाए ताकि ऑटो चालकों को आने-जाने में कोई दिक्कत न हो।जनाना अस्पताल, जगदीश मंदिर, घंटाघर, सिटी पैलेस जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों और अस्पतालों तक ऑटो की आवाजाही की अनुमति दी जाए। प्रदर्शन में मेवाड़ ऑटो रिक्शा चालक श्रमिक यूनियन, इंडियन ऑटो रिक्शा यूनियन और एकता ऑटो चालक को-ऑपरेटिव सोसायटी के प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, तो यूनियन उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होगी।


