उदयपुर। उदयपुर जिले के खेरवाड़ा क्षेत्र में सोमवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। लकोड़ा गांव के पास एक कार अनियंत्रित होकर नाले में गिर गई। कार में कुल पाँच लोग सवार थे, जिनमें से दो ने किसी तरह कांच तोड़कर बाहर निकल अपनी जान बचाई, लेकिन तीन युवक कार में ही फंस गए। इनमें से दो शवों को रेस्क्यू टीम ने देर रात बरामद कर लिया, जबकि तीसरे युवक का पता मंगलवार सुबह तक नहीं लग पाया था।
कैसे हुआ हादसा?: जानकारी के अनुसार, कार खेरवाड़ा से बायड़ी गांव की ओर जा रही थी। देर रात लगभग साढ़े 10 बजे अचानक वाहन अनियंत्रित होकर लकोड़ा गांव के पास बहाव वाले नाले में गिर पड़ा। नाले में पानी तेज बहाव के साथ उफान पर था, जिसके चलते कार सीधे उसमें समा गई। कार में मौजूद पाँच लोगों में से दो ने कांच तोड़कर बाहर निकलने में सफलता पाई। बाकी तीन युवक बाहर नहीं निकल पाए और कार के भीतर ही फंस गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी रात चला: घटना की सूचना मिलते ही खेरवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति गंभीर देखते हुए नागरिक सुरक्षा विभाग और एसडीआरएफ की टीम को तत्काल बुलाया गया। रेस्क्यू टीम उदयपुर शहर से रवाना होकर करीब रात साढ़े 12 बजे मौके पर पहुंची। इसके बाद करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद कार को नाले से बाहर निकाला गया। साथ ही दो युवकों के शव भी बरामद किए गए।तीसरे युवक का पता देर रात नहीं लग पाया, जिसके चलते रेस्क्यू ऑपरेशन मंगलवार सुबह फिर शुरू किया गया। शवों को खेरवाड़ा थाना पुलिस को सुपुर्द कर आगे की कार्रवाई की गई।
प्रशासन और पुलिस मौके पर: हादसे की खबर मिलते ही ऋषभदेव डिप्टी राजीव राहर और खेरवाड़ा एएसआई दिग्विजय सिंह पुलिस जाब्ते के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पूरी रात मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण भी एकत्रित रहे।
लगातार बारिश बनी मुसीबत: गौरतलब है कि उदयपुर जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इसके चलते नदी-नाले उफान पर हैं। कई जगहों पर पानी का बहाव इतना तेज है कि छोटे वाहन उसमें बहने लगते हैं। प्रशासन ने आमजन को विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है, बावजूद इसके दुर्घटनाओं की संभावना बनी हुई है।
मृतकों की शिनाख्त जारी: पुलिस के अनुसार, मृतकों की शिनाख्त कर परिजनों को सूचना दी जा रही है। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में इस रास्ते से वाहन ले जाना हमेशा खतरनाक साबित होता है।
सुरक्षा को लेकर सवाल: इस घटना के बाद एक बार फिर सवाल खड़ा हो गया है कि क्या बरसात के मौसम में नदी-नालों के किनारे पर्याप्त चेतावनी संकेत लगाए जाते हैं? स्थानीय लोग बताते हैं कि अंधेरे में अक्सर ड्राइवरों को नाले का बहाव और गहराई का अंदाजा नहीं लगता। नतीजतन ऐसे हादसे होते रहते हैं।


