

डूंगरपुर चोरी के आरोपी युवक की पुलिस की हिरासत में तबीयत बिगड़ गई थी। 4 दिन बाद मंगलवार को अस्पताल में मौत हो गई। सूचना मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट के सामने जाम लगा दिया है। परिजनों ने दोवड़ा पुलिस पर युवक के साथ मारपीट का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रदर्शनकारी आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने, मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपए मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग पर अड़े हैं। आसपुर विधायक उमेश डामोर के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल कलेक्टर से मिलने पहुंचा है। प्रतिनिधिमंडल और कलेक्टर से बातचीत चल रही है।
मामला दोवड़ा थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने शुक्रवार को स्कूल में चोरी के एक मामले में देवसोमनाथ कलारिया के रहने वाले दिलीप अहारी (19) को डूंगरपुर शहर से उसकी बुआ के घर से हिरासत में लिया था। थाने में पूछताछ के दौरान दिलीप की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में उसे उदयपुर रेफर कर दिया गया। जहां उसकी मौत हो गई।
देवसोमनाथ कलारिया निवासी जीवराज अहारी खेती करते हैं। जीवराज ने बताया कि मेरे बड़े बेटे दिलीप ने 11वीं तक पढ़ाई की थी। खेती में मेरा हाथ बंटाता था। वह अपनी बुआ के यहां डूंगरपुर शहर में गया था। शुक्रवार को पुलिस ने चोरी के आरोप में दिलीप को वहीं से हिरासत में ले लिया।
शनिवार सुबह दिलीप की तबीयत खराब हो गई। इस पर पुलिस ने उसे डूंगरपुर के सामान्य अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती करवाया। रविवार को हालात गंभीर होने पर पुलिस ने हम लोगों को सूचना दी। पुलिस ने दिलीप को उदयपुर में भर्ती करवाया। मंगलवार को डॉक्टरों ने दिलीप को मृत घोषित कर दिया
विधायक गणेश घोघरा ने कहा कि पुलिस ने पहले से मामले को दबाए रखा। 2 दिन तक अस्पताल में वेंटिलेटर पर रखकर मामले को शांत होने का इंतजार करते रहे।
अब कह रहे हैं कि युवक की मौत हो गई। उसके माता-पिता को उससे मिलने तक नहीं दिया गया। आरोपी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जाए। पीड़ित परिवार को 1 करोड़ का मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए।
