सांवलिया सेठ मंदिर में खुला दान पात्र, पहले ही दिन गिने गए ₹7.15 करोड़

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले स्थित प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर में बुधवार को श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान पात्र को खोला गया। हर महीने की तरह इस बार भी दान पात्र खोला गया, लेकिन पहले ही दिन इसमें जमा धनराशि ने सभी को चौंका दिया। पहले दिन की गिनती में ही ₹7 करोड़ 15 लाख से अधिक की राशि निकली है।

भक्तों के जयकारों से गूंज उठा मंदिर

दान पात्र को मंदिर में चतुर्दशी के दिन प्रातःकालीन राजभोग आरती के बाद खोला गया। जैसे ही भंडार खुला, श्रद्धालुओं ने “जय सांवरिया सेठ” के जोरदार जयकारे लगाए और माहौल भक्तिमय हो गया। इस दौरान मंदिर मंडल के सदस्य, अधिकारीगण और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

सुबह से शाम तक चली गिनती

मंदिर मंडल के कर्मचारी और बैंक स्टाफ की देखरेख में नोटों की गिनती सुबह से शुरू होकर शाम तक चली। लाखों की संख्या में नोटों को सावधानी से गिना गया, रिकॉर्ड किया गया और फिर सुरक्षित रखा गया।

24 जुलाई को हरियाली अमावस्या होने से मंदिर में भारी भीड़ संभावित है, इसलिए सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उस दिन गिनती स्थगित रहेगी। अब अगली गिनती 25 जुलाई को की जाएगी।



सोना-चांदी और ऑनलाइन दान की भी होगी गिनती

मंदिर प्रशासन के अनुसार, यह केवल पहले दिन की नकद गिनती है। आने वाले दिनों में दान पात्र में मिली सोने-चांदी की भेंट, आभूषण, नकद भेंट, और ऑनलाइन ट्रांसफर से मिले दान की भी गिनती की जाएगी। इसके अतिरिक्त, जो श्रद्धालु सीधे मंदिर आकर नकद दान करते हैं, उसकी अलग से गिनती की जाएगी।

श्रद्धा का केंद्र है सांवलिया सेठ

भगवान सांवलिया सेठ को धन-समृद्धि और व्यापार वृद्धि के देवता के रूप में पूजा जाता है। देशभर से लाखों श्रद्धालु हर महीने यहां दर्शन के लिए आते हैं और श्रद्धा से दान देते हैं।