उदयपुर। डॉ. अनुष्का विधि महाविद्यालय में मंगलवार को “बालक एवं कुमार श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 एवं मद्य निषेध” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विधि विद्यार्थियों को सामाजिक, विधिक और नैतिक विषयों पर जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उदयपुर के पदेन सचिव एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री कुलदीप शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित किया।
विधिक सेवा की पहुँच और बाल श्रम के खिलाफ कानूनी प्रावधानों पर चर्चा : अपने व्याख्यान में श्री शर्मा ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39A के तहत निःशुल्क विधिक सहायता की आवश्यकता और विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के गठन की पृष्ठभूमि पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने राष्ट्रीय से लेकर ताल्लुका स्तर तक की विधिक सेवा संरचना को समझाते हुए बताया कि किस प्रकार एक साधारण व्यक्ति भी एक प्रार्थना पत्र के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बाल श्रम अधिनियम, 1986 के तहत “बालक” और “कुमार” की कानूनी परिभाषा साझा करते हुए बाल श्रम निषेध से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर विद्यार्थियों से संवाद किया। साथ ही मद्य निषेध एवं समाज में बढ़ते नशे से संबंधित अपराधों पर भी उन्होंने विस्तार से प्रकाश डाला।
राजकोप सिटीजन ऐप की उपयोगिता पर जानकारी : कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव के निजी सहायक श्री संतोष कुमार मेनारिया ने विद्यार्थियों को राजकोप सिटीजन ऐप के महत्त्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इस एप के माध्यम से गुमशुदा दस्तावेज, मोबाइल आदि की रिपोर्ट तत्काल दर्ज की जा सकती है। साथ ही महिलाओं व विद्यार्थियों को आपात स्थिति में पुलिस सहायता भी त्वरित रूप से प्राप्त होती है।
इंटर्नशिप और पैरा लीगल स्वयंसेवक भर्ती की जानकारी :महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. क्षेत्रपाल सिंह ने अपने उद्बोधन में विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विद्यार्थियों को दी जाने वाली इंटर्नशिप सुविधाओं और पैरा लीगल स्वयंसेवक (PLVs) के लिए चयन प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के उपाचार्य डॉ. मोहम्मद हारून छीपा ने किया, जिन्होंने अंत में धन्यवाद ज्ञापन भी प्रस्तुत किया। इस अवसर पर सहायक आचार्य डॉ. मंजू कुमावत, डॉ. श्याम सिंह सहित विधि संकाय के सभी सदस्य उपस्थित रहे।


