उदयपुर। मेवाड़ की धरती पर जन्माष्टमी का पर्व भक्ति, उल्लास और परंपरा का अद्भुत संगम लेकर आया। शनिवार को उदयपुर के ऐतिहासिक श्री जगदीश मंदिर में जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में नंदोत्सव महोत्सव बड़े धूमधाम और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पूर्व मेवाड़ राजपरिवार के सदस्य भी विशेष रूप से दर्शन करने पहुंचे, जिससे श्रद्धालुओं में उत्साह और अधिक बढ़ गया।

राजपरिवार की उपस्थिति: जन्माष्टमी महोत्सव के इस अवसर पर निवृत्ति कुमारी मेवाड़, हरितराज सिंह मेवाड़, मोहलक्षिका कुमारी मेवाड़ और प्राणेश्वरी कुमारी मेवाड़ ने श्री जगदीश मंदिर पहुंचकर भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी के दर्शन किए और ठाकुरजी का आशीर्वाद लिया। ल
मंदिर पुजारी परिषद् का स्वागत: पूर्व राजपरिवार को श्री जगदीश मंदिर पुजारी परिषद् एवं ॐ धर्मोत्सव समिति मेवाड़ की ओर से नंदोत्सव महोत्सव में आमंत्रित किया गया था। मंदिर प्रांगण में पहुंचने पर पुजारियों ने परंपरा अनुसार उन्हें उपरना ओढ़ाया और ठाकुरजी की आशिष भेंट की। इस सम्मानजनक स्वागत से राजपरिवार के साथ-साथ उपस्थित श्रद्धालु भी भाव-विभोर हो उठे।
जयकारों से गूंजा मंदिर: नंदोत्सव महोत्सव के दौरान मंदिर परिसर लगातार ‘जय श्रीकृष्ण’ और ‘ठाकुरजी की जय’ के उद्घोषों से गूंजता रहा। भक्तों ने ठाकुरजी के दर्शन के लिए कतार लगाई और पुष्पवर्षा के बीच ठाकुरजी का भव्य श्रृंगार दर्शन किया। मंदिर में अलौकिक सजावट, रोशनी की जगमगाहट और सुगंधित पुष्पों की महक वातावरण को दिव्यता से भर रही थी।जन्माष्टमी पर नंदोत्सव महोत्सव में उमड़ी भीड़ ने मंदिर परिसर को एक भव्य रूप दिया। हर उम्र के श्रद्धालु ठाकुरजी के जयकारों और भजनों में लीन होकर भक्ति में डूबे नजर आए। इस दौरान कई श्रद्धालुओं ने पूर्व राजपरिवार की मौजूदगी को ऐतिहासिक परंपरा से जुड़ा हुआ बताया और कहा कि राजपरिवार की उपस्थिति मेवाड़ की धार्मिक धरोहर और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है।
