अहमदाबाद प्लेन-क्रैश में जान गंवाने वाले उदयपुर के मृतक के घर पहुंचे ठग, बोइंग पर केस कर 10 करोड़ दिलाने का झांसा दिया,खुद को सुप्रीम कोर्ट से बताया


उदयपुर। अहमदाबाद में हुए भीषण प्लेन हादसे में जान गंवाने वाले उदयपुर निवासी वर्दीचंद मेनारिया के परिवार पर दुख का पहाड़ अभी टूटा ही था कि अब जालसाजों ने उन्हें ठगने की साजिश रच दी। खुद को सुप्रीम कोर्ट का वकील बताने वाले ठग उनके घर पहुंच गए और बोइंग कंपनी पर केस कराकर 8 से 10 करोड़ का मुआवजा दिलाने का झांसा दिया।
परिवार से मृतक का पासपोर्ट, फ्लाइट टिकट की कॉपी और खाली स्टांप पेपर पर दस्तखत करवाने की कोशिश की गई। जब घरवालों को शक हुआ तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

कैसे हुआ धोखाधड़ी का प्रयास : 17 जुलाई की रात दीपक मेनारिया को भूपेंद्र नाम के व्यक्ति का कॉल आया, जिसने कहा कि “आपके पिता की मौत प्लेन क्रैश में हुई, हमारी टीम दिल्ली-मुंबई से वेरीफिकेशन के लिए आएगी।”18 जुलाई को गुजरात नंबर की एक कार में एक महिला और पुरुष उनके घर पहुंचे और खुद को सुप्रीम कोर्ट का प्रतिनिधि बताया। उन्होंने केस के नाम पर कागजों पर दस्तखत कराना चाहा।

पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी: दीपक मेनारिया ने वल्लभनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस अधिकारी दिनेश पाटीदार के अनुसार, जो व्यक्ति घर आया था, उसके वकील होने की शुरुआती जानकारी सामने आई है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।


कौन थे वर्दीचंद मेनारिया?: वर्दीचंद मेनारिया, मूल रूप से उदयपुर के वल्लभनगर क्षेत्र के रूण्डेड़ा गांव के रहने वाले थे। वे लंदन में कुकिंग का काम करते थे और एक महीने पहले ही भारत लौटे थे। 12 जून 2025 को हुए प्लेन क्रैश में उनकी मौत हो गई थी। एयर इंडिया ने मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए मुआवजे की घोषणा की थी।


प्लेन क्रैश में राजस्थान के 14 लोगों की मौत

इस दर्दनाक हादसे में राजस्थान के 14 लोग मारे गए, जिनमें बांसवाड़ा के डॉ. प्रतीक जोशी, डॉ. कोमल व्यास, और उनके तीन छोटे बच्चे शामिल हैं। इस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था।