स्वरूपसागर के गेट शनिवार को खुल सकते हैं, जल संसाधन विभाग ने जारी की चेतावनी



उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर में लगातार हो रही बारिश से शहर की प्रमुख झीलें लबालब होने की कगार पर हैं। शुक्रवार शाम तक स्वरूपसागर एवं पिछोला झील का जलस्तर 11 फीट की कुल क्षमता के मुकाबले 10.50 फीट तक पहुंच गया है। इसके चलते जल संसाधन विभाग ने शनिवार 19 जुलाई को स्वरूपसागर के गेट खोलने का निर्णय “संभावित” बताया है। विभाग ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से सतर्क रहने और बहाव क्षेत्र से दूरी बनाए रखने की अपील की है।

जलभराव की स्थिति पर विभाग सतर्क



जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता महेश चौधरी ने जानकारी दी कि बीते कुछ दिनों से शहर और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई है, जिसके चलते झीलों में जल आवक लगातार बनी हुई है। यदि अगले 24 घंटों में भी वर्षा का यही सिलसिला जारी रहा, तो झील के ओवरफ्लो को नियंत्रित करने के लिए स्वरूपसागर के गेट खोलने होंगे। उन्होंने बताया कि, “यह एक सुरक्षात्मक कदम है ताकि झीलों में जलस्तर नियत्रिंत रखा जा सके और किसी अप्रत्याशित परिस्थिति से बचा जा सके।”

नदी-नालों से दूर रहने की अपील


गेट खुलने के साथ ही निचले इलाकों, विशेष रूप से आयड़ नदी क्षेत्र, चोटी मगरी, चेतक सर्कल, बंबा, और झीणा घाटी जैसे स्थानों पर तेज जल प्रवाह होने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि जल प्रवाह के दौरान नदी, नालों और बहाव क्षेत्र के आसपास न जाएं। साथ ही, मवेशियों को भी इन इलाकों से दूर रखा जाए, जिससे जान-माल की हानि से बचा जा सके। महेश चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि गेट खोलने की सटीक जानकारी मौसम की स्थिति पर निर्भर होगी और समय रहते विभाग द्वारा सूचना प्रसारित की जाएगी।

पर्यटकों के लिए एडवाइजरी

बारिश के मौसम में झीलों से गिरते झरनों और तेज बहाव का नज़ारा देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक उदयपुर आते हैं। स्वरूपसागर गेट खुलने के दौरान फतेहसागर पाल, अम्बामाता रोड और आयड़ ब्रिज जैसे स्थानों पर पर्यटकों की भीड़ उमड़ती है। इस स्थिति में प्रशासन ने पर्यटकों को भी चेताया है कि वे जल प्रवाह वाले क्षेत्रों से दूरी बनाएं और सेल्फी या वीडियो लेने के लिए जोखिम न लें।