
बांसवाड़ा में मंगलवार की सुबह घर में घुसकर महिला की बेरहमी से हत्या करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी रिश्ते में महिला का पोता लगता है, जिसने कर्जा होने पर लूट के इरादे से महिला की हत्या की। फिर गहने लेकर फरार हो गया। घटना के समय विधवा महिला कलावती पंड्या (58) पत्नी सुरेंद्र पंड्या घर के किचन में काम कर रही थी, पीछे से आए पोते ने महिला की गर्दन पर चाकू से कई वार किए, जिससे गर्दन कटकर लगभग धड़ से लटक गई थी। लहूलुहान महिला रसोई में फर्श पर गिर गई। आरोपी को डर था कि दादी बच नहीं जाए, इसके कारण वो ताबड़तोड़ वार करता रहा। फिर दादी की सोने की चेन, दोनों हाथों में पहने सोने की चूड़ी और कैश लूटकर फरार हो गया।
घटना जिले के आनंदपुरी क्षेत्र के छाजा में मंगलवार की सुबह करीब 7 बजे हुई थी। पुलिस ने मामले में जेठ के पोते चंकी उर्फ सुविक पंड्या पुत्र दिलीप पंड्या (35) को गिरफ्तार किया है। वह मृतका के पड़ोस में ही रहता है, जिसने पूरी साजिश के तहत हत्या की खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद वह खुद के घर गया और कपड़े बदलकर घटना स्थल के आसपास घूमने लगा। हालांकि ग्रामीणों से पूछताछ में पता चला कि आरोपी का ही महिला के घर सबसे ज्यादा आना जाना था। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की तो शुरुआत में टालमटोल करने लगा, सख्ती से पूछताछ में उसने सच उगल दिया।
गुजरात में कर्जा हुआ तो लूट की साजिश की: जांच में सामने आया कि आरोपी गांव में पहले ई-मित्र की दुकान चलाता था। कम्प्यूटर रिपेयरिंग का काम भी करता था। करीब डेढ़ साल पहले वह गुजरात गया था, वहां उस पर करीब डेढ़ से 2 लाख रुपए का कर्जा हो गया था। उसे चुकाने के लिए पैसों की जरूरत थी। कहीं और से रुपए का इंतजाम नहीं होने के कारण उसने अपनी ही दादी के सोने के कड़े छिनने का प्लान बनाया। इसी उद्देश्य से महिला के घर में घुसा और उसकी हत्या कर दी। उसे डर था कि उसकी पहचान उजागर नहीं हो जाए, इसलिए महिला की बेरहमी से हत्या कर दी।दादी के घर के पास बने घर में अकेला रहता था
आनंदपुरी थाना सीआई विक्रम सिंह ने बताया– आरोपी के परिवार के गांव में 2 मकान है। नए मकान में उसकी विधवा शिक्षिका मां और छोटा भाई रहते थे। जबकि मृतका के घर के पास बने पुराने मकान में आरोपी अकेला रहता था। बड़ा भाई पत्नी के साथ अहमदाबाद में रहता है।
घर पर अकेली रहती थी महिला: मृतका कलावती घर पर अकेली रहती थी। जबकि उसका बड़ा बेटा अमित पंड्या घाटोल में रहता था और छोटा बेटा जयेश पंड्या बहन के साथ घाटोल के पास में ही देवदा में रहता है। आरोपी की गिरफ्तारी में एएसआई रतनलाल, कल्याणसिंह व हेड कॉन्स्टेबल महेशचन्द्र, चंदूलाल का विशेष योगदान रहा है।
