उदयपुर में झीलें लबालब, उदयसागर का गेट खोला गया – ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील




उदयपुर।झीलों की नगरी उदयपुर में मानसून की अच्छी बारिश का असर अब साफ नजर आने लगा है। शहर और आस-पास के क्षेत्रों में हुई लगातार बारिश के चलते झीलों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। स्वरूपसागर के बाद अब उदयसागर झील भी पूरी तरह लबालब हो चुकी है। जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए रविवार दोपहर को उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा और सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में उदयसागर का एक गेट खोला गया।

रविवार दोपहर 3:40 बजे झील का जलस्तर करीब 22 फीट तक पहुंच गया, जो झील की पूर्ण भराव क्षमता के बेहद करीब है। इस स्थिति में एक गेट को 3 इंच तक खोलकर जल निकासी शुरू की गई। सिंचाई विभाग के अनुसार, इस गेट से 70.01 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है।




गेट खोलने पर विधायक फूल सिंह मीणा एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा विधि-विधान से पूजा अर्चना की गई। यह परंपरा हर साल झील के गेट खोलने से पहले निभाई जाती है, जिससे प्रकृति और जलदेवता को धन्यवाद ज्ञापित किया जाता है।



विधायक मीणा ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। ऐसे में उदयपुर जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग द्वारा जल प्रबंधन की दिशा में समय रहते कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि झील में लगातार पानी की आवक बनी हुई है, और गेट खोलने का फैसला नियंत्रित निकासी और संभावित खतरे को टालने के उद्देश्य से लिया गया है।




विधायक फूल सिंह मीणा ने विशेष रूप से बिछड़ी और आसपास के गांवों के निवासियों से अपील की है कि वे नदी में बहते पानी से होकर न गुजरें। उन्होंने कहा कि नदी में कभी भी पानी का बहाव अचानक तेज हो सकता है, जिससे जान-माल को खतरा हो सकता है। प्रशासन और सिंचाई विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

स्थानीयों को भी राहत – जलाशयों की स्थिति बेहतर

झीलों के लबालब होने से जहां एक ओर प्रशासन अलर्ट मोड में है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय किसानों और ग्रामीणों के चेहरे पर राहत की मुस्कान भी देखने को मिल रही है। इस पानी से आगामी रबी सीजन की सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ होने की संभावना है।

फिलहाल झील का गेज 22 फीट के करीब है और यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है। सिंचाई विभाग के मुताबिक, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और आगे भी जरूरत अनुसार गेट खोलने की कार्रवाई की जाएगी।