उदयपुर। उदयपुर जिले के बड़गांव थाना पुलिस ने जमीन माफियाओं की एक खतरनाक चाल का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक महिला सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने संगठित आपराधिक षड्यंत्र रचकर एक बुजुर्ग महिला की जमीन हड़प ली। आरोपियों ने असली खातेदार की जगह डमी खातेदार पेश किया, फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनाई और रजिस्ट्री करवा डाली।
मामला तब सामने आया जब 65 वर्षीय काउड़ी गमेती पत्नी देवा गमेती निवासी बूझड़ा, गिर्वा ने 23 अगस्त को बड़गांव थाने में रिपोर्ट दी। महिला ने बताया कि उसकी आधा बीघा खातेदारी जमीन कोडियात, अरावली ताज होटल के पास स्थित है। पटवारी ने सूचना दी कि जमीन की रजिस्ट्री हो चुकी है। जब उसने रजिस्ट्री की कॉपी निकाली तो पाया कि उसकी जगह किसी और महिला को खातेदार बताकर पावर ऑफ अटॉर्नी कराई गई और उसी आधार पर 4 जुलाई को जमीन मन्नाराम भील निवासी लखावली, बड़गांव के नाम कर दी गई।
जांच में खुलासा हुआ कि इस पूरे खेल में मोहनी बाई को डमी खातेदार बनाकर पेश किया गया। हीरालाल गमेती और सुरिता बाई गमेती ने पहचान गवाह बने। फिर हिम्मतलाल गमेती और तुलसीराम डांगी ने गवाही देकर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर दी। इस तरह संगठित गिरोह ने मिलकर बुजुर्ग महिला की जमीन हड़पने की साजिश को अंजाम दिया।
प्रकरण की गंभीरता देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल ने विशेष टीम गठित की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) उमेश ओझा और वृताधिकारी नगर पश्चिम कैलाशचंद्र बोरीवाल के नेतृत्व में टीम ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस पूछताछ में चारों ने अपराध स्वीकार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में – मोहनी बाई पत्नी स्व. चोखा गमेती (52 वर्ष), हीरा लाल पुत्र मोहन गमेती (26 वर्ष), तुलसीराम उर्फ दिनेश पुत्र लोगर डांगी (37 वर्ष) और मन्नाराम पुत्र नाना भील (37 वर्ष) शामिल हैं। इनमें मोहनी बाई डमी खातेदार बनी थी, जबकि बाकी आरोपियों ने गवाह और खरीदार की भूमिका निभाई।
एसपी योगेश गोयल ने कहा कि यह मामला जमीन माफिया की गहरी जड़ों को उजागर करता है। असली मालिकों को धोखा देकर उनकी जमीन हड़पना गंभीर अपराध है और पुलिस ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करेगी।

