सड़क किनारे साया मौत का, लेपर्ड की हर आहट से कांपता है राहगीर,बंबोरा मार्ग पर फिर दिखा लेपर्ड!




उदयपुर। उदयपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों तेंदुए (लेपर्ड) की लगातार मूवमेंट से ग्रामीणों और व्यापारियों में दहशत का माहौल है। खासकर रात के समय तेंदुए की हलचल बढ़ गई है। रविवार रात को कुराबड़ ब्लॉक के आवरा-केड़िया मार्ग पर एक बार फिर तेंदुआ नजर आया। तेंदुआ सड़क किनारे टहलता हुआ दिखा, जिसे एक व्यापारी ने अपनी कार से वीडियो बनाकर रिकॉर्ड किया।

जानकारी के अनुसार, बंबोरा में दुकान चलाने वाले और आवरा निवासी शिवलाल पटेल रविवार रात को अपनी कार से घर लौट रहे थे। जैसे ही वे बंबोरा से आवरा के लिए रवाना हुए, केड़िया रोड पर उन्हें सड़क किनारे एक हष्ट-पुष्ट तेंदुआ दिखाई दिया। उन्होंने तत्काल सतर्कता बरतते हुए कार की गति धीमी की और अंदर से ही तेंदुए का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। कुछ दूरी पर वह तेंदुआ एक बाउंड्रीवाल पर भी चढ़ता हुआ नजर आया।

बंबोरा से आवरा के बीच लगभग 5 किलोमीटर की दूरी है और इस मार्ग में बंबोरा, अकेला, केड़िया और आवरा जैसे गांव शामिल हैं। इन गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र में तेंदुए की लगातार आवाजाही बनी रहती है। यह पहली बार नहीं है जब तेंदुआ देखा गया हो, इससे पहले भी कई बार इस मार्ग पर तेंदुए की मूवमेंट देखी गई है।

ग्रामीणों के अनुसार, करणी फोर्ट (बंबोरा) के आसपास के खेतों, नदीवेला, अकेला, पातुखेड़ा, सोमाखेड़ा, फीला और भादला तालाब के आस-पास भी तेंदुए को कई बार देखा गया है। ग्रामीणों में डर इतना बढ़ गया है कि अब वे रात के समय खेतों में जाने से बचने लगे हैं। छोटे व्यापारी, किसान और राहगीर तेंदुए के डर से सहमे हुए हैं।

ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि इस मार्ग पर गश्त बढ़ाई जाए, ट्रैप कैमरे और पिंजरे लगाए जाएं ताकि तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। इसके साथ ही लोगों को तेंदुए से जुड़े खतरों के प्रति जागरूक भी किया जाए।

ग्रामीण बोले – “रोजमर्रा की ज़िंदगी में अब डर घुल गया है। ना खेतों में चैन से काम कर सकते हैं, ना ही बच्चों को अकेले बाहर भेज सकते हैं। रात को तो एक सन्नाटा और खौफ हर ओर छाया रहता है।”