उदयपुर। पढ़ाई में अव्वल, डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करने का सपना देख रही जम्मू की बीडीएस फाइनल ईयर की छात्रा श्वेता सिंह ने उदयपुर के पेसिफिक डेंटल कॉलेज के हॉस्टल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में कॉलेज स्टाफ पर मानसिक प्रताड़ना और बार-बार टॉर्चर करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस दुखद घटना के सामने आने के बाद कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया।

शादी छोड़कर आई थी आखिरी पेपर देने
श्वेता के पिता बलवंत सिंह, जो जम्मू-कश्मीर पुलिस में हेड कांस्टेबल हैं, ने बताया कि बेटी अपने अंतिम परीक्षा पेपर देने के लिए शादी जैसे पारिवारिक समारोह को छोड़कर उदयपुर लौटी थी। वह 10 दिन की छुट्टी पर घर गई थी और परीक्षा को लेकर चिंतित भी थी। पिता ने कहा कि दो दिन पहले ही श्वेता ने कुछ जरूरी सामान के लिए पैसे मांगे थे, जो उन्होंने भेज दिए थे।
सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप
छात्रा ने एक विस्तृत सुसाइड नोट में कॉलेज के दो स्टाफ सदस्यों के नाम लिखते हुए उन्हें मानसिक उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार ठहराया। सुसाइड नोट के अनुसार, बार-बार अटेंडेंस और अन्य बहानों से छात्रा को परेशान किया जाता था। श्वेता ने यह भी लिखा कि वह अकेली नहीं है, बल्कि कई और छात्र भी इसी तरह की मानसिक यातनाओं से गुजर रहे हैं।
छात्रों का प्रदर्शन

घटना के बाद कॉलेज छात्रों में आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने संबंधित स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। श्वेता के परिजन भी मौके पर पहुंचे और पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।
पढ़ाई में होनहार थी श्वेता
श्वेता सिंह की प्रारंभिक शिक्षा जम्मू के टीनी टोर्स हाई स्कूल से हुई थी, और उन्होंने एसपी स्मार्ट स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की थी। बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना देखने वाली श्वेता ने पेसिफिक डेंटल कॉलेज में एडमिशन लिया था।
परिजनों की मांग – हो निष्पक्ष जांच
श्वेता के पिता ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच की जाए और जिन स्टाफ पर गंभीर आरोप लगे हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर कानूनी कार्रवाई की जाए
