स्वरांजलि म्यूजिक ग्रुप के पहले आयोजन ने बिखेरे संगीत के रंग, बरसती फुहारों के बीच श्रोताओं ने उठाया सुरों का आनंद

उदयपुर। उदयपुर शहर में संगीत के क्षेत्र में एक नई शुरुआत करते हुए स्वरांजलि म्यूजिक ग्रुप ने अपने पहले ही कार्यक्रम में ऐसा समां बांधा कि हर श्रोता सुरों में डूबता चला गया। सेक्टर-14  स्थित मंगलम व्यू रिसोर्ट में आयोजित यह भव्य संगीतमय शाम रिमझिम फुहारों और सुरमयी प्रस्तुतियों से अविस्मरणीय बन गई।

कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई, जिसे नूतन बेदी ने सुमधुर स्वर में प्रस्तुत किया। इसके पश्चात वाटिका ग्रुप के ओनर गजेंद्र सोनी ने “प्यार दीवाना होता है…” गाकर कार्यक्रम का शानदार आगाज़ किया। इस प्रथम आयोजन में सेवानिवृत्त तहसीलदार मोहन सोनी, सीआईडी सब इंस्पेक्टर अरविंद सालवी, अनेक सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य, लेखक, इंजीनियर, व्यवसाई और संगीत प्रेमी मौजूद रहे।

स्वरांजलि ग्रुप के संस्थापक विकास स्वर्णकार ने बताया कि यह मंच उन सुर साधकों के लिए समर्पित है जो शुद्ध गायकी, निष्पक्ष और सनातन संस्कृति से प्रेरित संगीत को आगे बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उदयपुर में कई म्यूजिक ग्रुप हैं, लेकिन स्वरांजलि का उद्देश्य श्रोताओं को विशुद्ध और दिल से जुड़ा संगीत देना है।


इन कलाकारों ने बांधा समां:

कार्यक्रम में एक के बाद एक बेहतरीन प्रस्तुतियां दी गईं –
🎵 योगेश उपाध्याय ने “पर्दा है पर्दा है…” पर दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
🎵 विकास गोड ने “मेरे देश प्रेमियों…” और
🎵 मोहन सोनी ने “सुहानी चांदनी रातें…” गाकर पुराने गीतों की मधुर यादें ताज़ा कर दीं।
🎵 प्रिति माथुर का “गाबूजी गाबूजी गम गम…” भी खासा सराहा गया।

उमेश माली की “तेरी उंगली पकड़ के…” ने सभी श्रोताओं को भावुक कर दिया।
क्षितिज चुलेट, दिव्या सारस्वत, दिनेश थापा, सुरेश थापा, राजेश जी, गौरव सोनी, सुशील वैष्णव, निशा गौड़ और नारायण सालवी जैसे कलाकारों ने एक से बढ़कर एक गीतों से समां बांधा।

बेंगलुरु से आए पंकज और नीरज आर्य ने गिटार की धुन पर जब प्रस्तुति दी तो मंच पूरी तरह संगीतमय हो गया।

आगे मंच संभाला –
🎶 सुमित गर्ग ने “दिल संभल जा ज़रा…”
🎶 निशा कौशिक ने “दिल तो है दिल…”
🎶 बालेश गोड ने “वादियां मेरा दामन…”
🎶 अरुण चौबीसा ने “सारंगा तेरी याद में…”
🎶 धर्मेंद्र वैष्णव, विपिन अग्रवाल, पुष्कर नायक जैसे कलाकारों ने भी रोमांटिक और भावुक गीतों से दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

अंत में नूतन बेदी और अरुण चौबीसा की जुगलबंदी “सावन का महीना…” पर जैसे खुद सावन झूम उठा।



हर महीने होगा ऐसा आयोजन

कार्यक्रम के समापन पर सभी सदस्यों ने बरसात की फुहारों के बीच स्नेह भोज का आनंद लिया। विकास सोनी और गजेंद्र सोनी ने बताया कि स्वरांजलि म्यूजिक ग्रुप का यह प्रयास हर महीने संगीत प्रेमियों के लिए ऐसे ही आयोजन करने का रहेगा, जिससे शहर के उभरते गायकों को मंच मिले और श्रोताओं को सच्चे सुरों का आनंद।