उदयपुर में तांत्रिक की ठगी: गड़े सोने का झांसा देकर युवक से ठगे 60 लाख रुपये, हजारों सिगरेट और इत्र की शीशियां बर्बाद



राजस्थान के उदयपुर जिले से एक हैरान करने वाला ठगी का मामला सामने आया है। गड़े हुए सोने और नोटों की बारिश का सपना दिखाकर एक तांत्रिक ने भीलवाड़ा के युवक से करीब 60 लाख रुपये की ठगी कर ली। यह पूरा मामला गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र का है, जहां पीड़ित सत्यनारायण सुथार नामक युवक ने ठग तांत्रिक इंद्रदास वैष्णव के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है।

ऐसे हुई ठगी की शुरुआत

पीड़ित सत्यनारायण सुथार ने पुलिस को बताया कि जनवरी 2024 में वह अपने दोस्त के साथ उदयपुर घूमने आया था, जहां बलीचा हाईवे पर उसकी मुलाकात तांत्रिक इंद्रदास वैष्णव से हुई। तांत्रिक ने दावा किया कि वह जमीन में गड़ा हुआ सोना निकालने में सक्षम है। शुरुआत में उसने 2.5 लाख रुपये लिए और फिर धीरे-धीरे पूजा-पाठ, तंत्र क्रियाओं के नाम पर बड़ी रकम ऐंठ ली।

तंत्र-मंत्र के नाम पर बर्बादी

पूरे सालभर चली इस तथाकथित ‘पूजा प्रक्रिया’ में तांत्रिक ने:

10,000 सिगरेट के पैकेट जलवाए

10,000 इत्र की शीशियां खुलवाकर बर्बाद करवाईं

हजारों नारियल इधर-उधर फिंकवाए

रात 12 बजे विशेष क्रिया करवाने का नाटक किया


इंद्रदास ने यह सब ‘गुप्त तांत्रिक विधि’ और ‘सोना निकालने की साधना’ का हिस्सा बताकर करवाया।

झूठे वादों का लंबा सिलसिला



तांत्रिक ने सत्यनारायण को यह भी भरोसा दिलाया कि पूजा पूरी होने पर उसके घर या कारखाने के नीचे से सोना निकलेगा और कमरे में नोटों की बारिश होगी। हर बार वह पूजा असफल होने का बहाना बनाकर अगली पूजा के लिए और रुपये मांगता रहा। कभी 7 लाख, कभी 12.90 लाख, और अंत में मार्च 2025 में 9 लाख रुपये की एक और डिमांड की गई।


जनवरी 2024 से मार्च 2025 तक, इस तांत्रिक ने कुल मिलाकर 60 लाख रुपये की ठगी कर ली। युवक ने अब उदयपुर एसपी के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई है, जिसके बाद पुलिस ने तांत्रिक के खिलाफ धोखाधड़ी, अंधविश्वास फैलाने और ठगी के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।