गंगाजल, जयकारे और बारिश संग उमड़ी आस्था की गंगा, फतेह बालाजी से वामेश्वर महादेव तक कावड़ के साथ भक्ति का रथ चला

उदयपुर। सावन माह के पावन अवसर पर फतहसागर स्थित फतेह बालाजी के दर्शन के साथ 1200 वर्ष पुराने वामेश्वर महादेव मंदिर तक भव्य कावड़ यात्रा का आयोजन हुआ। हजारों की संख्या में कावड़िए भक्ति भाव से जलाभिषेक करने पहुंचे।

बैंड-बाजे और आकर्षक झांकियों के साथ श्रद्धालु फतेह बालाजी का आशीर्वाद लेकर यात्रा के लिए रवाना हुए। इस दौरान हरिद्वार से विशेष व्यवस्था के तहत लाया गया पवित्र गंगाजल सभी कांवड़ों में रखा गया। लगभग 7 किलोमीटर की यात्रा के दौरान कावड़ियों ने रास्ते में 11 शिवालयों पर जलाभिषेक किया।

यात्रा के संयोजक प्रफुल्ल श्रीमाली ने बताया कि इस अवसर पर शहर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए, जिनमें महिलाओं की भागीदारी भी विशेष रही। दिल्ली से आए कलाकारों ने भगवान शिव के विभिन्न रूपों की अद्भुत झांकियां प्रस्तुत कीं, जिनमें अघोरी स्वरूप ने विशेष रूप से श्रद्धालुओं को भक्ति भाव में लीन कर दिया।

यात्रा फतेह बालाजी से फतेहपुरा चौकी, फतेहपुरा सर्कल, मंगलश्री गार्डन, सायफन, बड़गांव होते हुए पालड़ी स्थित वामेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। यात्रा की अगुवाई में घोड़े और बालाजी की भव्य तस्वीर थी, जिनके पीछे साधु-संत बग्घियों में विराजमान थे। इस दौरान भगवान वामेश्वर महादेव का चलित स्वरूप पालकी में विराजित रहा, जिसके दर्शन से मार्ग में भक्तों का मन पुलकित हो उठा।

रिमझिम फुहारों से लेकर तेज बारिश तक, कावड़ियों का उत्साह कम नहीं हुआ। मार्गभर “हर हर महादेव” के जयकारे गूंजते रहे। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। मंगलश्री गार्डन में सभी श्रद्धालुओं को आइसक्रीम वितरित की गई, जिससे भक्ति यात्रा का माहौल और भी आनंदमय हो गया। भक्ति, आस्था और सामूहिक उत्साह का प्रतीक यह कावड़ यात्रा, उदयपुरवासियों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गई।