सब्जी वाले ने देखा बैंक बैलेंस, फिर की गला दबाकर हत्या, रिटायर्ड कस्टम अधिकारी की हत्या का चौंकाने वाला खुलासा

राजधानी जयपुर में एक रिटायर्ड कस्टम अधिकारी की गला दबाकर हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने गुरुवार को इस वारदात का खुलासा करते हुए बताया कि हत्या कोई बाहरी बदमाश नहीं, बल्कि उनके ही अपार्टमेंट के सामने सब्जी बेचने वाला करता था। आरोपी ने रिटायर्ड अधिकारी के मोबाइल में लाखों की रकम का बैलेंस देखकर लालच में हत्या की साजिश रच डाली।


क्या है पूरा मामला: रामनगरिया थाना क्षेत्र के जगतपुरा स्थित लोटस विला अपार्टमेंट में रहने वाले 88 वर्षीय रिटायर्ड कस्टम अधिकारी ओमप्रकाश खोबर 25 जुलाई को अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे। वे पिछले 14 वर्षों से जयपुर में अकेले रह रहे थे। पुलिस को जब सूचना मिली तो ओमप्रकाश का शव बेड पर पड़ा था और मोबाइल गायब था। गले पर खरोंच के निशान थे, जिससे संदेह गहराया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गला दबाना बताया गया, जिसके बाद उनकी बेटी सुषमा ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज करवाई।




CCTV, बैंक ट्रांजैक्शन और CDR से खुला राज: DCP ईस्ट संजय नैन ने बताया कि हत्या के बाद ओमप्रकाश का मोबाइल लगातार स्विच ऑफ आ रहा था। पुलिस ने CDR निकाली और बैंक खातों की जांच की तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। उसी दिन ओमप्रकाश के खाते से करीब 3 लाख रुपए एक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हुए थे, जिसकी पहचान कमलेश कुमार शर्मा (31) के रूप में हुई। कमलेश वहीं अपार्टमेंट के सामने सब्जी बेचता था।


कैसे की हत्या : कमलेश ने कबूल किया कि ओमप्रकाश उसके नियमित ग्राहक थे। एक दिन उन्होंने ऑनलाइन पेमेंट किया तो उसके मोबाइल में बैंक बैलेंस का नोटिफिकेशन दिख गया, जिसमें बड़ी रकम देखकर वह लालच में आ गया।

कमलेश ने चोरी-छिपे पेमेंट करते समय ओमप्रकाश का वीडियो बना लिया, जिससे वह उनका UPI पिन जान सके। 25 जुलाई को सुबह जब ओमप्रकाश सब्जी लेने आए तो कुछ ही मिनटों बाद कमलेश उनके फ्लैट में घुस गया और अकेले पाकर उनका गला दबाकर हत्या कर दी। फिर मोबाइल लेकर फरार हो गया।

हत्या के बाद पहुंचा घटनास्थल पर, लोगों को गुमराह किया: घटनास्थल पर जब दोपहर में काम वाली बाई राधा देवी खाना बनाने पहुंची तो उन्होंने बेड पर शव देखा और शोर मचाया। शोर सुनकर लोग जुटे, और उसी भीड़ में हत्यारा कमलेश भी पहुंच गया। वह सामान्य व्यवहार करता रहा और फर्श पर शव लिटाने में मदद भी की। पुलिस के आने तक वह वहीं मौजूद रहा ताकि किसी को शक न हो।


14 साल से अकेले रह रहे थे ओमप्रकाश खोबर: ओमप्रकाश खोबर दिल्ली और गुजरात में कस्टम विभाग में अधिकारी रह चुके थे। उनकी छोटी बेटी पहले साथ रहती थी, लेकिन ढाई साल पहले उसके निधन के बाद वे अकेले ही जयपुर में रहने लगे। दिल्ली का प्रदूषण उन्हें परेशान करता था, इसलिए उन्होंने स्थायी रूप से जयपुर में रहना शुरू किया था।