
उदयपुर।झीलों की नगरी में सोमवार को दोपहर एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। शहर के सुखेर थाना क्षेत्र स्थित भुवाणा चौराहे पर प्राइवेट बस की टक्कर से 9 वर्षीय मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार और आस-पास मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया। सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि सूचना देने के बावजूद एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। मजबूरन पिता को अपने बेटे का शव टेम्पो में रखकर मॉर्च्यूरी तक ले जाना पड़ा।
हादसा कैसे हुआ? जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान देवेंद्र सिंह (9) पुत्र कालू सिंह निवासी तरपाल, हाल किराए का मकान भुवाणा के रूप में हुई है। देवेंद्र अपने बड़े भाई के साथ रोड किनारे बने राम रसोड़े में पूजा करने आया था। इसी दौरान वहां खड़ी प्राइवेट बस को अचानक स्टार्ट किया गया और बच्चा उसकी चपेट में आ गया। बस कंडक्टर कन्हैयालाल ने बताया कि बस यात्रियों को लेकर मुंबई से गोगुंदा की ओर जा रही थी। भुवाणा चौराहे पर बस रुकी हुई थी। ठीक उसके आगे छोटा बच्चा खड़ा था। हाइट छोटी होने के कारण ड्राइवर को बच्चा दिखाई नहीं दिया। जैसे ही ड्राइवर ने बस स्टार्ट की, सामने खड़ा बच्चा पिछले पहिए के नीचे आ गया। हादसा इतना भयावह था कि देवेंद्र का सिर कुचल गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
मौके पर अफरा-तफरी: घटना के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए और बस चालक को घेर लिया। सूचना मिलने पर सुखेर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और बस को जब्त कर ड्राइवर को हिरासत में ले लिया।
हेड कॉन्स्टेबल दुर्ग सिंह ने बताया कि बच्चे की लाश को पोस्टमार्टम के लिए एमबी अस्पताल की मॉर्च्यूरी भिजवाया गया है। पुलिस ने प्राइवेट बस को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पिता का दर्द – “घंटेभर पड़ा रहा शव, एम्बुलेंस नहीं आई”मृतक के पिता कालू सिंह का गम शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि बेटे का शव करीब एक घंटे तक सड़क पर ही पड़ा रहा। एम्बुलेंस को बार-बार कॉल करने के बावजूद कोई वाहन मौके पर नहीं पहुंचा। अंततः मजबूर होकर उन्होंने बेटे के शव को एक टेम्पो में रखकर मॉर्च्यूरी तक पहुंचाया।
पिता ने बताया कि वे शहर के भुवाणा में किराए के मकान में रहते हैं और मकान मालिक के यहां खाना बनाने का काम करते हैं। उनके दो बेटे हैं – जिनमें देवेंद्र छोटा था और सरकारी स्कूल भुवाणा में पांचवीं कक्षा में पढ़ाई करता था।
मासूम की मुस्कान छीन ले गया हादसा
मासूम देवेंद्र का भविष्य उसके परिवार के सपनों का आधार था। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है, लेकिन पिता ने बच्चों को पढ़ाई-लिखाई के लिए हर संभव प्रयास किए। देवेंद्र पढ़ाई में अच्छा था और अपने दोस्तों के बीच चंचल व मिलनसार स्वभाव के लिए जाना जाता था। लेकिन सोमवार को हुआ यह हादसा न केवल उसके माता-पिता की खुशियां छीन ले गया, बल्कि पूरे मोहल्ले को भी गहरे सदमे में डाल गया।

