354 करोड़ की लागत से हो रहा कायाकल्प, मेवाड़ की संस्कृति और आधुनिकता का मिलेगा अद्भुत संगम
उदयपुर। झीलों की नगरी, महलों की छाया और मेवाड़ की गौरवगाथा को समेटे उदयपुर अब आधुनिक भारत की नई पहचान बनने की ओर अग्रसर है। पर्यटन की दृष्टि से देश-विदेश में पहचान रखने वाले इस ऐतिहासिक शहर का प्रवेश द्वार कहे जाने वाला उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन अब जल्द ही एक विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में नजर आएगा। रेलवे द्वारा ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के अंतर्गत 354 करोड़ रुपए की लागत से इस स्टेशन का पुनर्विकास कार्य तीव्र गति से जारी है। इसका उद्देश्य है – मेवाड़ की विरासत और आधुनिकता को एक साथ समेटते हुए यात्रियों को सर्वोत्तम रेल सुविधाएं उपलब्ध कराना।
उदयपुर को चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, नाथद्वारा, हल्दीघाटी जैसे ऐतिहासिक स्थलों के नज़दीक होने का लाभ मिलता है, जिससे यहाँ सालभर देशी-विदेशी पर्यटकों की भीड़ रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए स्टेशन को आधुनिक डिजाइन, हरित तकनीक और पर्यटन केंद्रित सुविधाओं के साथ पुनर्निर्मित किया जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी शशि किरण ने बताया कि रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ के निर्देशन में काम युद्धस्तर पर चल रहा है। स्टेशन की मुख्य प्रवेश इमारत और द्वितीय प्रवेश इमारत का संरचनात्मक कार्य पूरा हो चुका है। पश्चिम साइड की बिल्डिंग 6000 वर्ग मीटर और पूर्व साइड की बिल्डिंग 5800 वर्ग मीटर में जी+3 निर्माण में है। इसके अलावा स्टेशन पर बनने वाली बेसमेंट पार्किंग का ढांचा भी तैयार कर लिया गया है। स्टेशन के दोनों ओर कुल 11,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में सुव्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है। वहीं एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर सुगम आवागमन के लिए 20 लिफ्ट और 26 एस्केलेटर लगाए जाएंगे। अजमेर छोर के फुट ओवर ब्रिज को पूर्व साइड की बिल्डिंग से जोड़ने के लिए 268 मीटर लंबा स्काई वॉक भी बन रहा है। इसके अलावा 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में प्लेटफॉर्म शेल्टर का कार्य प्रगति पर है, ताकि यात्री हर मौसम में सुरक्षित और आरामदायक सफर कर सकें। स्टेशन के मध्य में 4032 वर्ग मीटर क्षेत्र में एयर कॉनकोर्स का निर्माण किया जा रहा है, जो सभी प्लेटफॉर्म और दोनों इमारतों को जोड़ेगा। इसमें 1000 यात्रियों के बैठने की सुविधा, फूड कोर्ट, कैफेटेरिया, पर्यटक सूचना केंद्र, एग्जीक्यूटिव लाउंज और शॉपिंग एरिया जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं रहेंगी।स्टेशन की सुविधाओं को दिव्यांगजन अनुकूल बनाया जा रहा है। यात्रियों की सुरक्षा और सहूलियत के लिए बेगेज स्कैनर, मेटल डिटेक्टर, संकेतक, ट्रेन गाइडेंस बोर्ड और अत्याधुनिक लाइटिंग सिस्टम लगाए जा रहे हैं। स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वारों को अलग-अलग बनाया जाएगा ताकि भीड़ का बेहतर प्रबंधन हो सके।यह पुनर्विकास परियोजना न केवल स्टेशन को एक आधुनिक ट्रांजिट हब बनाएगी, बल्कि उदयपुर शहर के पर्यटन, व्यापार और रोजगार को भी नई दिशा देगी। प्रतिदिन 40,000 से अधिक यात्री यहां से आवाजाही करते हैं, और उनके लिए अब यह स्टेशन केवल एक पड़ाव नहीं, बल्कि एक अनुभव बनने जा रहा है।

