उदयपुर फाइल्स ट्रेलर देख कर रो पड़ी कन्हैयालाल की पत्नी बोली, अब फिल्म नहीं देखूंगी”

कन्हैयालाल हत्याकांड पर बनी ‘उदयपुर फाइल्स’ मूवी को लेकर परिवार की भावुक प्रतिक्रिया

उदयपुर। 28 जून 2022 को देश को झकझोर देने वाले कन्हैयालाल हत्याकांड पर आधारित फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ फिल्म को लेकर जहां कुछ वर्गों में विरोध की आवाजें उठ रही हैं, वहीं इस मामले के पीड़ित परिवार ने भी अपनी भावनाएं और उम्मीदें साझा की हैं। दिवंगत कन्हैयालाल टेलर के परिवार से खास बातचीत में पत्नी यशोदा देवी और छोटे बेटे तरुण ने फिल्म को लेकर अपनी पीड़ा और सोच को सामने रखा। “यह फिल्म आतंकवाद का चेहरा उजागर करेगी, किसी धर्म के खिलाफ नहीं” – कन्हैयालाल के छोटे बेटे तरुण ने बताया कि उन्होंने फिल्म को लेकर कोर्ट में याचिका दाखिल की है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि फिल्म में किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नफरत न फैले। उन्होंने स्पष्ट किया कि “हमारा विरोध फिल्म के उद्देश्य से नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि फिल्म समाज में नफरत न फैलाए। अगर फिल्म आतंकवाद के खिलाफ संदेश देती है, तो हम उसका समर्थन करते हैं।” तरुण ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस फिल्म के माध्यम से सच्चाई सामने आएगी और न्याय प्रक्रिया को गति मिलेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस फिल्म का उद्देश्य किसी धर्म या समुदाय को बदनाम करना नहीं, बल्कि कट्टरपंथ और आतंकवाद के खतरनाक चेहरे को समाज के सामने लाना है। कन्हैयालाल की पत्नी यशोदा देवी ने बेहद भावुक लहजे में कहा कि जब उन्होंने फिल्म का ट्रेलर देखा तो दर्द फिर से ताजा हो गया। उन्होंने कहा, “ट्रेलर देखकर मुझे बहुत दुख हुआ और मैं रोने लगी। तभी मैंने अपने बेटों से कह दिया कि मैं यह फिल्म नहीं देखूंगी।” यशोदा देवी ने आगे बताया कि “घटना के बाद कई नेता हमारे घर आए थे और कहा था कि 6 महीने में न्याय मिलेगा, लेकिन आज 3 साल हो गए और अब तक केवल 6-7 गवाहों की ही पेशी हो पाई है। ऐसा लग रहा है कि केस को जानबूझकर लंबा खींचा जा रहा है।” परिवार का मानना है कि ‘उदयपुर फाइल्स’ जैसी फिल्में समाज को सच्चाई से अवगत कराने का काम करती हैं। साथ ही यह फिल्म जनता और प्रशासन का ध्यान फिर से इस जघन्य हत्याकांड पर केंद्रित कर सकती है, जिससे न्याय प्रक्रिया को गति मिल सके।