उदयपुर के उमरड़ा ग्रामवासियों का कलेक्ट्री पर प्रदर्शन, रेलवे भूमि अधिग्रहण के खिलाफ जताया विरोध

उदयपुर। उदयपुर जिले के उमरड़ा ग्राम पंचायत के  ग्रामीणों ने आज जिला कलेक्ट्री के बाहर प्रदर्शन करते हुए प्रस्तावित रेलवे यार्ड निर्माण के लिए हो रहे भूमि अधिग्रहण का विरोध किया। ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि उनकी आबादी एवं खातेदार भूमि को रेलवे अधिग्रहण से मुक्त किया जाए और अन्य उपयुक्त स्थान पर यार्ड बनाया जाए।

ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर कहा कि उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा उमरड़ा गांव की भूमि का अधिग्रहण “स्वच्छता सुविधा एवं विकास कार्य” के लिए किया जा रहा है, जिसमें अधिकांश ज़मीन आबादी और खातेदार किसानों की है। ज्ञापन में बताया गया कि यह भूमि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोगों की आजीविका का एकमात्र साधन है, और अधिग्रहण से करीब 300 परिवारों के जीवन पर संकट मंडरा रहा है। सरपंच गोपाल मीणा ने कहा कि उमरडा ग्राम पंचायत को पहले ही “परमाणु ऊर्जा विभाग” द्वारा उमरड़ा ग्रोथ सेंटर यूरेनियम जोन के रूप में अधिसूचित किया जा चुका है, जिससे क्षेत्र में विकास कार्यों की संभावना और योजनाएं पहले से ही चल रही हैं। प्रस्तावित रेलवे यार्ड के लिए अन्य वैकल्पिक सरकारी भूमि उपलब्ध है, जैसे उमरड़ा रेलवे स्टेशन के दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थित अकृषि भूमि एवं खारव रेलवे स्टेशन के पास की भूमि, जिन पर यार्ड निर्माण संभव है।
प्रभु लाल प्रजापत ने कहा कि ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि आबादी क्षेत्र और खातेदार भूमि को रेलवे अधिग्रहण से मुक्त किया जाए। यार्ड के लिए अन्य वैकल्पिक भूमि — जैसे खारव रेलवे स्टेशन के पास उपलब्ध अकृषि सरकारी भूमि — का उपयोग किया जाए।यदि मांगे नहीं मानी गईं तो ग्रामवासी उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने वालों में उमरड़ा गांव के दर्जनों ग्रामीण, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्राम पंचायत प्रतिनिधि शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की और चेताया कि वे अपनी भूमि किसी भी हालत में नहीं छोड़ेंगे।