राखी बांधने का कब है शुभ मुहूर्त,सर्वार्थ सिद्धि समेत तीन शुभ योग में आज रक्षाबंधन




उदयपुर। इस बार रक्षाबंधन खास संयोग के साथ मनाया जा रहा है। आज शनिवार, 9 अगस्त को बहनें पूरे दिन अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी, क्योंकि इस वर्ष भद्रा काल का असर पर्व पर नहीं पड़ेगा।

पंडित जितेंद्र त्रिवेदी के अनुसार भद्रा काल इस बार एक दिन पहले, 8 अगस्त (शुक्रवार) दोपहर 2:12 बजे शुरू होकर रात 1:52 बजे समाप्त हो गया। श्रावण पूर्णिमा तिथि शुक्रवार दोपहर 2:12 बजे से शनिवार दोपहर 1:21 बजे तक रहेगी। चूंकि तिथि का प्रारंभ भद्रा काल के समाप्त होते ही हुआ, इसलिए उदयात तिथि की मान्यता के अनुसार रक्षाबंधन शनिवार को ही मनाया जाएगा।


तीन शुभ योगों का संयोग
इस रक्षाबंधन पर सौभाग्य योग, शोभन योग और सर्वार्थ सिद्धि योग एक साथ बन रहे हैं। इन योगों को बेहद मंगलकारी माना जाता है, जिससे इस पर्व का महत्व और बढ़ गया है।


297 साल बाद लौटा अद्भुत ग्रह संयोग

इस बार का रक्षाबंधन 297 साल बाद एक दुर्लभ ग्रह स्थिति के साथ आया है।
सूर्य – कर्क राशि में
चंद्रमा – मकर राशि में
मंगल – कन्या राशि में
बुध – कर्क राशि में
गुरु और शुक्र – मिथुन राशि में
राहु – कुंभ राशि में
केतु – सिंह राशि में
शनि – मीन राशि में

ऐसा ग्रह संयोग इससे पहले सन 1728 में बना था। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह संयोजन परिवार में प्रेम, सौहार्द और समृद्धि बढ़ाने वाला है।

रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का प्रतीक पर्व है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उसके दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं, वहीं भाई बहन की रक्षा का संकल्प लेता है।